सीवान: सीवान जिले के पीएम श्री (PM SHRI) विद्यालयों में उपलब्ध कराई गई स्मार्ट क्लास, वीई (VE) लैब, आईसीटी (ICT) लैब और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का अब अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग ने सभी चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य स्कूलों में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की गुणवत्ता और उनके वास्तविक उपयोग को सुनिश्चित करना है।
स्मार्ट क्लास और ICT लैब की होगी जांच
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक एवं समग्र शिक्षा) के निर्देश के अनुसार, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के माध्यम से चयनित एजेंसियों द्वारा पीएम श्री विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, वीई लैब, आईसीटी लैब सहित अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब प्रत्येक विद्यालय को इन सभी उपकरणों का सत्यापन कर उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा।
एजेंसी करेगी इंस्टॉलेशन और प्रशिक्षण
निर्देश में कहा गया है कि संबंधित एजेंसी विद्यालय पहुंचकर सभी उपकरणों का इंस्टॉलेशन करेगी और उनके संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही शिक्षकों को उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि डिजिटल संसाधनों का नियमित रूप से शिक्षण कार्य में इस्तेमाल हो सके।
बंद कमरों में नहीं रखे जाएंगे उपकरण
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और अन्य सामग्री को किसी भी स्थिति में बिना उपयोग के बंद कमरों में नहीं रखा जाएगा। विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी कि इन संसाधनों का नियमित रूप से छात्रों की पढ़ाई में उपयोग कराया जाए।
पांच कार्य दिवस के भीतर देनी होगी रिपोर्ट
प्रधानाध्यापकों को सामग्री प्राप्त होने के बाद प्राप्ति चालान, सत्यापन रिपोर्ट, गुणवत्ता संबंधी प्रतिवेदन और जियो-टैग फोटो तैयार कर पांच कार्य दिवस के भीतर जिला शिक्षा कार्यालय को भेजना होगा। निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों से जवाब-तलब किया जा सकता है।
क्या है PM SHRI योजना?
PM SHRI (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत देशभर के चयनित सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी लैब, आधुनिक प्रयोगशालाएं और नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था विकसित की जा रही है।
उद्देश्य है बेहतर और प्रभावी डिजिटल शिक्षा
शिक्षा विभाग का मानना है कि सत्यापन प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल संसाधनों का सही उपयोग हो रहा है और छात्रों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके। इसके साथ ही विद्यालयों में जवाबदेही और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।